मुख्य पेज   |    संर्पक    |   मिडीया      |    English
ॐ नम: शिवाय      ॐ नम:शिवाय     ॐ नम: शिवाय      ॐ नम:शिवाय     ॐ नम: शिवाय
ॐ नम: शिवाय
 
 
 
 
 
 
श्री शिवयोगी रघुवंश पुरी जी
   
 

शिव के 108 नाम

त्रयीमूर्ति

त्रायी शब्द का अर्थ है वेद। वेद साक्षात् शिव का रूप है इसलिए शंकर को त्रायीमूर्ति कहा जाता है। ॠषियों ने वेद को भगवान् की प्रत्यक्षमूर्ति बतलायी है। वेद शिववाणी हीं है। वेदाभ्यास के द्वारा वेद का पूजन व पाठ शिव पूजा हीं है। वेद को धारण करने के कारण हीं ब्राह्मण को भी वेद की साक्षात् मूर्ति कहा जाता है और इसलिए ब्राह्मण को वर्णों में पूजनीय माना जाता है।
कहीं–कहीं लिङ्ग को भी त्रयी कहा जाता है जिसमें ब्रह्मा, विष्णु और रुद्र समहित हैं इसलिए शिव को त्रयीमूर्ति कहा जाता है। वेद चार होने पर भी; गद्य, पद्य व गीति के विभाग के कारण त्रयी कहलाता है। त्रयी का यह कदापि अर्थ नहीं है कि अथर्ववेद वेद नहीं है। पद्य को ॠग्वेद, गद्य को यर्जुवेद और गीति को सामवेद कहा जाता है। यज्ञकार्य विभाजन के अनुसार भी वेद को त्रयी कहा जाता है। ॠत्विक् के लिए ॠग्वेद, अर्ध्वयु के लिए यजुर्वेद, उद्गाता के लिए सामवेद और ब्रह्मा के लिए अथर्ववेद। भगवान् शंकर के शरीर को भी वेदमय बताते हुए शिरोभाग को ॠक्, मध्यभाग को यजु: और अधोभाग को साम कहा गया है। इसलिए भी शिव त्रयीमूर्ति हैं। त्रयीमूर्तिता की व्याख्या भास्करराय ने इसी भाव से की है–

साम्ब! ॠग्वेदकोSस्यागलान्तात् आ च नाभे र्यजुर्वेदरूप:
नाभिदेशादध: सामवेद: तेन तेSभूत् त्रयीमूर्तिनाम।।

भगवान् त्रयीमूर्ति की उपासना के द्वारा हीं सनातन धर्म की सुरक्षा हो सकती है। शिक्षा, कल्प, निरूक्त, भाष्य आदि ग्रंथों को पढ़ना, पढ़ाना, प्रकाशित करना, वितरित करना, कंठस्थ करने के लिए प्रेरित करना,त्रयीमूर्ति की हीं सेवा है। वैदिकों की अन्न, धन, दान के द्वारा सनातन धर्म की सम्यक् सुरक्षा हीं की जाती है। वेद की शिक्षाओं को जीवन में उतारना हीं त्रयीमूर्ति की उपासना है।



 
------------------------------------------------------
 
 
 
 
 
 
 
 
 
 
 
  कार्यक्रम
 
  शिव कथा
    मकर संक्राति
    शिव नाम प्रवचन
    महा शिव रात्रि
READ MORE
 


 

संर्पक

श्री वेदनाथ महादेव मंदिर
एफ / आर - 4 फेस – 1,
अशोक विहार, दिल्ली – 110052
दूरभाष : 09312473725, 09873702316,
011-47091354


 


  प्रवचन
 
    प्रवचन 1
    प्रवचन 2
    प्रवचन 3
  प्रवचन 4
 

 

 India Tour Package Data Entry Service
Designed and Maintained by Multi Design