आश्रम गतिविधी
प्रातः – 4:00 बजे प्रातः |
उत्थानम् |
प्रातः – 5:00 बजे |
भगवान की आरती |
प्रातः – 6:00 बजे – 7:30 बजे |
महाभिषेक |
प्रातः – 7:30 बजे से 8:30 बजे तक |
विद्वान संन्यासियों द्वारा अद्वैत वेदांत प्रवचन |
प्रातः – 8:30 बजे से 9:00 बजे तक |
शंका समाधान |
प्रातः – 9:00 बजे से 11:00 बजे तक |
स्वाध्याय |
दोपहर – 12:00 बजे से 1:00 बजे तक |
भिक्षान्नंम् |
दोपहर – 1:00 बजे से 4:00 बजे तक |
विश्राम |
सांय – 5:00 बजे |
मन्दिर कपाट उदघाटन-देव दर्शनम् (सोमवार एवं प्रदोष को महाभिषेक) |
सांय – 7:00 बजे |
आरती एवं शिव महिमा स्त्रोत पाठ |
सांय – 8:00 बजे से 9:00 बजे तक |
वेदांत प्रवचन |
रात्रि – 9:00 बजे से 10:00 बजे |
विचार विमर्श |
रात्रि – 10:00 बजे |
शयनम् |
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देवों के देव महादेव हैं अद्वितीय...
भारत के गरिमायुक्त ग्रंथ शिवपुराण में शिव और शक्ति में समानता बताई गई है और कहा गया है कि दोनों को एक-दूसरे की जरूरत रहती है। न तो शिव के बिना शक्ति का अस्तित्व है और न शक्ति के बिना शिव का। शिव पुराण में यह भी दर्ज है कि जो शक्ति संपन्न हैं, उनके स्वरूप में कोई अंतर नहीं मानना चाहिए। भगवती पराशक्ति उमा ने इंद्र-आदि समस्त देवताओं से स्वयं कहा है कि ‘मैं ही परब्रह्म, परम-ज्योति, प्रणव-रूपिणी तथा युगल रूप धारिणी हूं।
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